अष्टांग सहज योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कार्यशाला
योग प्रशिक्षक:
श्री अरविन्द कुमार सिंह
संस्थापक एवं निदेशक – BBS BEAMS VARANASI
ब्रेन ट्रेनर | योग प्रशिक्षक | प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ | करियर काउंसलर
स्थान
बिजुरिया बीर आश्रम
हरिओम नगर कॉलोनी, सामने घाट, लंका,
वाराणसी, उत्तर प्रदेश – 221005, भारत।
कार्यक्रम का उद्देश्य
अष्टांग सहज योग महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग पर आधारित एक सरल, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जीवन पद्धति है। इसका उद्देश्य व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक, सामाजिक, आर्थिक तथा आध्यात्मिक विकास को संतुलित करना है। श्री अरविन्द कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत यह प्रशिक्षण योग को दैनिक जीवन में अपनाने की सरल विधि सिखाता है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ, प्रसन्न और सफल जीवन जी सके।
अष्टांग सहज योग के आठ अंग
यम – सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य एवं अपरिग्रह।
नियम – शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय एवं ईश्वर-प्रणिधान।
आसन – शरीर को स्वस्थ, लचीला एवं ऊर्जावान बनाने वाले योगासन।
प्राणायाम – श्वास नियंत्रण द्वारा प्राणशक्ति का संतुलन।
प्रत्याहार – इन्द्रियों को बाहरी विषयों से हटाकर भीतर की ओर ले जाना।
धारणा – मन को एक बिंदु पर स्थिर करना।
ध्यान – मानसिक शांति एवं आत्मचिंतन।
समाधि – आत्मानुभूति एवं परम चेतना का अनुभव।
कार्यशाला की प्रमुख गतिविधियाँ
प्रार्थना एवं तीन बार ॐ का उच्चारण
सूक्ष्म व्यायाम एवं योगासन
नाड़ी शोधन, उज्जायी एवं अन्य प्राणायाम
चक्र संतुलन एवं ध्यान
सकारात्मक संकल्प (Affirmations)
प्राकृतिक चिकित्सा के सरल उपाय
तनाव प्रबंधन एवं व्यक्तित्व विकास
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक उपाय
अष्टांग सहज योग के लाभ
शारीरिक स्वास्थ्य एवं ऊर्जा में वृद्धि
मानसिक शांति एवं एकाग्रता
तनाव, चिंता एवं थकान में कमी
स्मरण शक्ति एवं निर्णय क्षमता का विकास
सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास में वृद्धि
संतुलित, अनुशासित एवं सफल जीवन का निर्माण
विशेष सूचना
बिजुरिया बीर आश्रम में अष्टांग सहज योग का निःशुल्क साप्ताहिक अभ्यास प्रत्येक गुरुवार आयोजित किया जाता है।
समय: प्रातः 8:00 बजे से 9:00 बजे तक
इस सत्र में योगासन, प्राणायाम, ध्यान, चक्र संतुलन, प्राकृतिक चिकित्सा तथा सकारात्मक जीवनशैली का प्रशिक्षण दिया जाता है।
आप, आपके परिवार एवं सभी इच्छुक साधक सादर आमंत्रित हैं। प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है।
प्रेरक संदेश
"योग केवल शरीर का व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की श्रेष्ठ कला है। जब शरीर, मन और आत्मा में संतुलन स्थापित होता है, तभी वास्तविक स्वास्थ्य, सुख, शांति और सफलता प्राप्त होती है। अष्टांग सहज योग इसी संतुलित जीवन की सरल एवं वैज्ञानिक साधना है।"
— श्री अरविन्द कुमार सिंह
संस्थापक एवं निदेशक, BBS BEAMS VARANASI